अभियान के बारे में

भारत के सबसे सांस्कृतिक और पारंपरिक रूप से समृद्ध राज्यों में से एक, उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा से भी संपन्न है जिसका उपयोग आपके और प्रदेशवासियों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए किया जा सकता है.

हमारा उद्देश्य राज्य में अधिक से अधिक लोगों को स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करना है जिससे रोजगार, धन में वृद्धि के साथ-साथ ऊर्जा की लागत और प्रदूषण में कमी आ सके.

"सूरज से समृद्ध" अभियान के द्वारा हम यूपी के समुदायों और संस्कृतियों के विभिन्न वर्गों के बीच सौर ऊर्जा और सरकारी नीतियों के लाभों के बारे में जागरूकता पैदा करते है ताकि अधिक से अधिक प्रदेशवासी इसका लाभ उठा सकें


सोलर सिटी प्रोग्राम

उत्तर प्रदेश सरकार ने आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में आगे बढ़ते हुए जून 2020 में एक महत्वपूर्ण घोषणा की जिसके तहत राज्य के पांच शहरों (वाराणसी, अयोध्या, मथुरा, गोरखपुर और प्रयागराज) को सोलर सिटी बनाया जाना है.

इन शहरों में चरणबद्ध तरीके से सोलर रूफटॉप के माध्यम से 669 MW बिजली का उत्पादन करने की योजना है.

इससे सालाना 1000 मिलियन यूनिट बिजली की उपलब्धता बढ़ेगी.

*सभी उपभोक्ताओं को केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से कुल 1332 करोड़ रुपये की सब्सिडी भी मिलेगी.


अभियान की प्रमुख मांगे

जानें कि हम कैसे सोलर सिटी प्रोग्राम को अधिक समावेशी और लाभकारी बनाना चाहते हैं


अभियान में शामिल हों

हमारी याचिका में अपना नाम जोड़ें और यूपी को सौर राज्य बनाने, और अपने और प्रदेशवासियों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाएं।

अभियान के बारे में अधिक जानकारी और अपडेट लेने के लिए कृपया नीचे दिए गए फॉर्म का उपयोग करें

अभियान की प्रमुख मांगे

1: अधिक शहरों को शामिल किया जाए
उत्तर प्रदेश अपने इतिहास, कला, संस्कृति, धर्म, उद्योग, और राजनीति के मामले में भारत में सबसे विविध राज्यों में से एक माना जाता है. इसलिए आगरा, लखनऊ, कानपुर और मेरठ जैसे शहरों की एकजुटता एवं महत्व को देखते हुए, अभियान यह मांग करता है कि सोलर सिटी प्रोग्राम में इन शहरों समेत अन्य शहरों को भी शामिल किया जाए.

2: सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य बढ़ाया जाए
यूपी सरकार द्वारा निर्धारित सौर ऊर्जा लक्ष्य को 2022 तक पूरा करने के लिए सोलर सिटी कार्यक्रम के कार्यान्वयन पर जोर दिया जाना चाहिए. इसके अतिरिक्त लक्ष्य को 5% (33.5 मेगावाट) बढ़ाया जाना चाहिए.

3: जागरूकता और भागीदारी बढ़ाई जाये
अभियान में प्रदेश के युवा वर्ग, अंतर्धार्मिक नेताओं एवं सांस्कृतिक और पर्यटन विभाग के साथ सौर ऊर्जा अपनाने के साथ, आम जनता को भी प्रोत्साहित किया जाना है.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1- सौर ऊर्जा क्या है ?

सौर ऊर्जा, सूर्य से विकिरण, जो गर्मी उत्पन्न करने में सक्षम है, रासायनिक प्रतिक्रियाओं का कारण बनता है, या बिजली पैदा करता है. सौर ऊर्जा से विद्युत् उत्पन्न करने के लिए सोलर पैनल का इस्तेमाल किया जाता है.

2- सौर ऊर्जा को हम नवीकरणीय ऊर्जा क्यों कहते हैं ?

सौर ऊर्जा नवीकरण योग्य ऊर्जा है जिसका अर्थ है कि सौर ऊर्जा का इस्तेमाल एक से ज़्यादा बार भी किया जा सकता है. यह एक ऐसा स्त्रोत है जो आने वाले बहुत सालों तक इस्तेमाल किया जा सकता है. ऊर्जा के अन्य स्त्रोत समाप्त हो सकते हैं लेकिन सौर ऊर्जा समाप्त नहीं होगी. धरती पर उपलब्ध अन्य स्त्रोत जैसे कोयला, पेट्रोलियम आदि समाप्त होने की कगार पर हैं जिसके कारण लोग सौर ऊर्जा के महत्त्व को समझना शुरू कर रहे हैं और यही कारण है कि आजकल सोलर पैनल की तरफ लोगों का रुझान ज़्यादा है.

3- सोलर पैनल क्या है और यह कैसे काम करता है?

सोलर पैनल वो उपकरण होता है जिसकी मदद से सूरज की किरणों को विद्युत् में परिवर्तित किया जाता है. सूर्य से निकलने वाली किरणों में जो कण पाए जाते हैं उन्हें फोटोन कहा जाता है. इन फ़ोटॉन को सोलर पैनलों की मदद से ऊष्मा या विद्युत् में परिवर्तित करने के लिए ही सोलर पैनलों का इस्तेमाल किया जाता है. सोलर पैनलों में फोटोवोल्टिक सेल लगे होते हैं जो सिलिकॉन से बने होते हैं. जब सूर्य की रौशनी इन सेल पर पड़ती है तो फ़ोटॉन की ऊर्जा अवशोषित हो जाती है और ऊपरी परत में पाए जाने वाले इलेक्ट्रॉन सक्रिय हो जाते हैं. धीरे धीरे यह ऊर्जा पूरे पैनल में प्रवाहित होती है और इस प्रकार विद्युत का उत्पादन होता है. आप यहाँ वीडियो में भी देख सकते हैं

4- सौर ऊर्जा का प्रयोग हम कहाँ कहाँ कर सकते हैं?

सोलर पैनल अपने घरों में, वाणिज्यिक इमारतों, कंपनियों आदि में भी लगवा सकते हैं. यही नहीं सौर ऊर्जा का विस्तार ऑटोमोबाइल क्षेत्र में भी हो चुका है जहाँ सौर ऊर्जा पर चलने वाले वाहन का निर्माण होना शुरू हो गया है. भारत में मेट्रो स्टेशनों पर भी सोलर पैनल इनस्टॉल किये हैं तथा भविष्य में यह संख्या बढ़ने की संभावना है..

5- सौर ऊर्जा का लाभ हम कब तक उठा सकते हैं?

सामान्यतः ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए जीवाश्म ईंधन जैसे स्त्रोत का इस्तेमाल किया जाता है और इस तरह के स्त्रोत धरती से कभी भी समाप्त हो सकते हैं या एक बार इस्तेमाल होने के बाद इनका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है. लेकिन धरती पर ऊर्जा के उपलब्ध स्रोतों में सौर ऊर्जा सबसे प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है और यह कभी ना खत्म होने वाली ऊर्जा का स्त्रोत है.

6- सौर ऊर्जा क्या किफायती भी है?

सौर ऊर्जा को विद्युत में परिवर्तित करने के लिए सोलर पैनल बनाए जाते हैं जिनकी मदद से बिजली के बिल में कटौती की जा सकती है. सौर ऊर्जा द्वारा उत्पन्न बिजली का इस्तेमाल करने के लिए बस सोलर पैनल लगवाने का ही शुरुआती खर्च होता है. सोलर पैनल लगने के बाद बिजली का बिल न्यूनतम रहता है और इसका इस्तेमाल भी बहुत आसान होता है.

7- सोलर पैनल्स का रख रखाव किस प्रकार किया जाता है?

सोलर पैनल के रख रखाव में कोई विशेष खर्च की आवशकता नहीं होती, मुख्य रूप से पैनल्स की साफ़ सफाई का ध्यान रखना होता है.

8- क्या सौर ऊर्जा से हम जलवायु परिवर्तन के खतरे को रोक सकते हैं ?

सोलर पैनल का सबसे बड़ा फायदा है कि इससे हम पर्यावरण को नुक्सान पहुँचाए बिना बिजली उत्पन्न करते हैं. सोलर पैनल से विद्युत उत्पन्न करने पर किसी भी प्रकार की विषैली गैस का उत्सर्जन नहीं होता है, न ही किसी प्रकार से ध्वनि प्रदूषण होता है एवं इसमें विद्युत उत्पादन के दौरान वायु प्रदूषण भी नहीं होता है.

9- क्या बादलों एवं बारिश के मौसम में क्या सोलर पैनल काम करता है?

जैसा कि हम जानते हैं कि हमारे देश एवं प्रदेश की जलवायु उष्णकटिबंधीय है जहां साल के 300 से अधिक दिनों में सौर ऊर्जा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होती है. वहीं सोलर पैनल्स बारिश के मौसम में भी ऊर्जा उत्पादित करती है लेकिन बिजली उत्पादित करने की क्षमता कम होती है.

10- सोलर रूफटॉप सिस्टम क्या है?

सोलर रूफटॉप सिस्टम में, किसी भी इमारत की छत पर आवासीय, वाणिज्यिक, संस्थागत और औद्योगिक इमारतों की तरह सोलर पैनल लगाए जाते हैं.

11- रूफटॉप सोलर फोटोवोटेलिक सिस्टम कितने प्रकार के होते हैं?

बैटरी का उपयोग करने की सुविधा के साथ दो प्रकार के रूफटॉप पावर प्लांट (i) सोलर रूफटॉप सिस्टम या ऑफ ग्रिड सिस्टम हैं. (ii ग्रिड कनेक्टेड सोलर रूफटॉप पीवी सिस्टम.

12- सोलर रूफटॉप सिस्टम में स्टोरेज सुविधा से क्या आशय है?

ऐसी छत प्रणाली में भंडारण सुविधा के रूप में बैटरी है. सौर ऊर्जा को बैटरी में संग्रहीत किया जाता है और इसका उपयोग रात के दौरान भी किया जा सकता है जब सूरज उपलब्ध नहीं होता है. यह मुख्य रूप से सोलर पैनल की गुणवत्ता पर भी आधारित होता है.

13- ऑन ग्रिड सोलर सिस्टम क्या होता है?

ऑन ग्रिड सोलर सिस्टम का इस्तेमाल ऐसी जगह पर किया जाता है जहाँ बिजली अधिकतर समय रहती है. ऑन ग्रिड सोलर सिस्टम की मदद से आप बिजली बना कर आप बिजली विभाग को बेच भी सकते हैं. उदाहरण के बतौर देखा जाए तो यदि एक दिन में सौर ऊर्जा से 20 यूनिट बिजली बनती है और आपको उपयोग केवल 10 यूनिट करना है तो आप बची हुई 10 यूनिट को सरकार को बेच भी सकते हैं. लेकिन यह सुविधा अभी विस्तारित रूप से नहीं लायी गई है.

14- ऑफ़ ग्रिड सोलर सिस्टम क्या है ?

ऑफ़ ग्रिड सोलर सिस्टम में सौर ऊर्जा से जनित बिजली को बैटरी और इनवर्टर की मदद से प्रयोग किया जाता है

15- क्या सोलर रूफटॉप सिस्टम के लिए ऋण लेने का कोई प्रावधान उपलब्ध है?

वित्तीय सेवा विभाग ने सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को निर्देश दिया है कि वे होम लोन / गृह सुधार ऋण चाहने वालों को रूफटॉप सोलर पीवी प्लांट लगाने के लिए प्रोत्साहित करें और अपने होम लोन प्रस्तावों में सिस्टम की लागत शामिल करें. अब तक, बैंक ऑफ इंडिया, सिंडिकेट बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, देना बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, इलाहाबाद बैंक, इंडियन बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक के नौ PSBs ने ग्रिड इंटरएक्टिव रूफ टॉप सोलर के लिए लोन देने के निर्देश दिए हैं.

16- सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित करने की क्या सीमा होती है ?

सोलर रूफटॉप संयंत्र 1 किलोवाट से 2000 किलोवाट तक लगाए जा सकते हैं. हालांकि रूफटॉप सोलर पीवी रेगुलेशन 2019 के अनुसार, लगाए जाने वाले ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पीवी सिस्टम की अधिकतम शिखर क्षमता उपभोक्ता के स्वीकृत कनेक्टेड लोड / कॉन्ट्रैक्ट डिमांड के 100% से अधिक नहीं होगी.

17- सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाने के लिए छत के कितने क्षेत्र की आवश्यकता होती है?

1 किलोवाट क्षमता के प्लांट के लिए लगभग 10 वर्ग मीटर छत की आवश्यकता होती है.

18- सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित करने के लिए सरकार द्वारा क्या अनुदान दिया जाता है ?

भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला अनुदान - 1 से 3 किलोवाट तक अनुमोदित संयंत्र मूल्य का 40 प्रतिशत और 03 किलोवाट से अधिक एवं 10 किलोवाट तक के संयंत्र में मूल्य में 20 प्रतिशत.

राज्य सरकार द्वारा दिया जाने वाला अनुदान- प्रति किलोवाट में रु0 - 15000/- अधिकतम 30000/- रु0 प्रति उपभोक्ता.

19- सोलर रूफटॉप सिस्टम में अनुदान प्राप्त करने के लिए हम कहाँ आवेदन कर सकते हैं?

इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल upnedasolarrooftopportal.com पर आवेदन करना होगा. और संबंधित दस्तावेज अपलोड करना होगा.

UP’s shared identity

उत्तर प्रदेश का इतिहास सामाजिक व धार्मिक एकता, भाईचारे और सौहार्द की मिसालों से भरा हुआ है.

COVID RESPONSE

ONE UNDER THE SUN

कहा जाता है कि रात कितनी भी अँधेरी क्यों न हो, सूरज हमेशा उगता है और अपने साथ एक बेहतर कल की शुरुआत करता है। इसी उम्मीद ने हमें हर बार मुश्किल समय से निकलने में मदद की है। COVID-19 महामारी के साथ हमारी लड़ाई में भी, सूरज की किरण हमारे लिए आशा की किरण की तरह है।

उत्तर प्रदेश राज्य, शेष भारत की तरह, COVID-19 के साथ एक कठिन लड़ाई लड़ रहा है। हमारा अभियान 'सूरज से समृद्धि' लोगों को याद दिलाता है कि हम सब सूरज के नीचे एक हैं और यही एकता हमें बेहतर कल की ओर ले जाएगी। हमारा लक्ष्य प्रदेशवासियों को आशा और एकता का संदेश देना है और उन्हें इस कठिन समय से निकलने में मदद करना है।